राजेंद्र पटेल विशेष संवाददाता
मध्य प्रदेश में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर नागरिकों और गो-सेवकों ने राज्यपाल को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपा है। पत्र में गोवंश की घटती संख्या, बढ़ती तस्करी, दुर्घटनाओं और अव्यवस्थित देखभाल पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि गोवंश न केवल सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी है।
प्रार्थना पत्र में केंद्र स्तर पर सख्त कानून बनाने, गो-सेवा एवं संरक्षण के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना और गोवध को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध घोषित करने की मांग की गई है। साथ ही दोषियों की संपत्ति कुर्क करने जैसे कठोर प्रावधान सुझाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला, जिला स्तर पर गौशाला, राजमार्गों पर गो-एम्बुलेंस, तथा गोचर भूमि संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। पत्र में पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और स्कूली पाठ्यक्रम में गो-विज्ञान शामिल करने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन में राज्यपाल से इन सुझावों पर गंभीर विचार कर राज्य और केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया गया है।










