राजेंद्र पटेल विशेष संवादाता
नर्मदापुरम। षडदर्शन विश्व अखाड़ा परिषद, मध्यप्रदेश शाखा के पदाधिकारियों एवं संतों ने मंगलवारा चौराहे स्थित श्री ठाकुर जी मंदिर से जुड़े देवराम जानकी मंदिर लोकन्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं शासकीय अभिरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर कलेक्टर नर्मदापुरम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रदेशाध्यक्ष वकील बाबा, महंत दिनेशदास, स्वामी नर्मदादास सहित अन्य संतों द्वारा दिया गया।
संतों ने आरोप लगाया कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा मंदिर की दैनिक पूजन व्यवस्था के लिए छह माह के लिए दिए गए आदेश की अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि अब तक नए सरवराहकार की नियुक्ति नहीं की गई है। उनका कहना है कि वर्ष 2024 में तथाकथित पुजारी यंगेश्वरदास का नामांतरण निरस्त किए जाने के बाद मंदिर एवं उससे जुड़ी संपत्तियों के संरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ज्ञापन में मंदिर की नजूल भूमि, पट्टे के नवीनीकरण, कथित अवैध निर्माण, किरायेदारी और उप-किरायेदारी से जुड़े मामलों की जांच कराने तथा लोकन्यास अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। परिषद ने विवादित न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए तत्काल रिसीवर नियुक्त कर उन्हें कलेक्टर की अभिरक्षा में लेने की मांग उठाई है।
संगठन ने कहा कि शिकायतों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से संत समाज में चिंता व्याप्त है और मामले में निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।यह खबर आरोपों और मांगों को तटस्थ समाचार शैली में प्रस्तुत करती है।










