Rajendra patel
पिपरिया। पिपरिया-बरेली मार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से नव-निर्मित पुल निर्माण के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गया। मंगलवार को पुल पर बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पहले लगातार बारिश के दौरान पुराना पुल ढह गया था, जिसके कारण पिपरिया-बरेली मार्ग लंबे समय तक बंद रहा। यह मार्ग भोपाल और जबलपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल बंद होने से भारी वाहनों को नर्मदापुरम सहित अन्य वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा था। वहीं तवा नदी का बड़ा पुल भी निर्माणाधीन होने के कारण यातायात पहले से ही प्रभावित है।
ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए नए पुल का महज दो सप्ताह में दरारों से भर जाना निर्माण एजेंसी और निगरानी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल है। यदि समय रहते इसकी उच्चस्तरीय तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में यह आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पुल की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।










