पिपरिया । गुरुवार से पुरानी गल्ला मंडी तुलसी नगर में श्रीरामयज्ञ मानस सम्मेलन एवम नवान्ह पारायण का शुभारंभ यज्ञशाला की पूजन व देव आव्हान से हुआ। शुक्रवार को यज्ञाचार्य आचार्य राजेन्द्र कुमार मिश्र वाराणसी के द्वारा यज्ञवेदी में चंदन की लकडी से घर्षण कर अग्नि देवता का आह्वान किया जाएगा, श्रीराम यज्ञ समिती के अध्यक्ष श्यामसुंदर सोनी ने प्रेसवार्त कर बताया कि श्रीरामयज्ञ 62 वे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यज्ञ का आरंभ वर्ष 1954 से प्रारंभ हुआ था। जो कि हर तीसरे वर्ष किया जाता है। प्रागंण में रामायण पाठ का आयोजन सहित अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते है जिसमें इस वर्ष पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया रहा है। वही यज्ञ शाला में सुरक्षा की दृष्टि से लगभग आठ सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए है जिससे यज्ञ शाला की परिक्रमा करने वालो की सुरक्षा की जा सके। वही इस वर्ष लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रवर्चन नगरवासी घर बैठ कर भी सुन सकेगे। जिसका प्रसारण यूट्यूब चैनल के माध्यम् से किया जायेगा। वही नवान्ह परायण पाठ दिनांक 23 जनवरी से प्रारंभ होकर 30 जनवरी तक चलेगे। यज्ञोपवीत संस्कार (ब्राहम्ण बालको का) 28 जनवरी को होगा। यज्ञ की पूर्णाहुति शनिवार 31 जनवरी को होगी। मानस सम्मेलन प्रवचन में विंध्य पीठाधीश्वर जगतगुरू रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्माणाचार्य महाराज मिर्जापुर उत्तरप्रदेश,अन्नतविभूषित 1008 ब्रम्हचारी महाराज बपौली धाम मांगरोल मध्यप्रदेश,श्रद्धेय संत सुरेशशरण महाराज रामकथा पुंज बालाजी मंदिर हिंगणघाट महाराष्ट्र,युवा संत शिवम् शुक्ला मानस चंचरीक प्रयागराज उत्तरप्रदेश व सुश्री शंति श्रिया मानस हंस अयोध्या उत्तरप्रदेश के मुखारविंद से प्रर्वचन दिए जायेगे। इस दौरान यज्ञ समिती के सचिव चंद्रप्रकाश सोनी सुरेश गोदानी,श्याम सुदंर हुरकट,भगवान दास अग्रवाल,राजेन्द्र हरदेनिया आदि मौजूद रहे।
आगामी वर्षो में यज्ञ आयोजन के लिए चिंतित दिखे श्रद्धालु
यज्ञ समिति द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में यज्ञ स्थल में चल रहे व्यावसायिक निर्माण और आगामी वर्षो में यज्ञ आयोजन निरन्तर चलता रहा ,इस विचार को लेकर भी श्रद्धालुओं के विचार सामने रखे गए, जिस पर यज्ञ समिति सदस्य द्वारा बताया गया कि नगर पालिका से आश्वाशन मिला है कि यज्ञ स्थल पर आगे नव निर्माण नही किये जायेंगे, इस पर श्रद्धालुओं द्वारा समिति के समक्ष निवेदन किया कि यज्ञ समिति एक निवेदन पत्र नगरपालिका के समक्ष जरूर रखे, जिसमे नगरपालिका आगामी समय मे यज्ञ स्थल तुलसी नगर में नवनिर्माण न होने का प्रस्ताव पास करे। जिससे इस स्थल पर यज्ञ आयोजन के लिए जगह कम न पड़े।










