राजेंद्र पटेल
शराब के नशे में विवाद के बाद चूल्हे की जलती लकड़ी से सिर और शरीर पर किए कई वार, छह घंटे की सर्चिंग के बाद नाले से पकड़ा गया आरोपी
सोहागपुर। थाना सोहागपुर पुलिस ने ग्राम रैनी पानी में बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या के सनसनीखेज मामले का त्वरित खुलासा करते हुए महज 12 घंटे के भीतर आरोपी बेटे कमलेश उईके को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पारिवारिक विवाद और शराब के नशे में अपने ही माता-पिता की चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी से हमला कर हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस के अनुसार, 5 नवंबर की रात करीब 11 बजे ग्राम रैनी पानी में रहने वाले बुजुर्ग दंपत्ति राधे उईके और उनकी पत्नी तितो बाई उर्फ कृष्णा उईके के घर में दोनों के शव खून से लथपथ हालत में मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए। मामले में अपराध क्रमांक 694/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले मृतक दंपत्ति के बेटे कमलेश उईके का उनसे विवाद हुआ था। घटना के बाद उसे घर के पीछे के दरवाजे से जंगल की ओर भागते हुए भी देखा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन ने एसडीओपी सोहागपुर अरविंद शाह को तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
जांच के दौरान एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने आरोपी की तलाश में करीब छह घंटे तक सर्चिंग की और उसे कच्चे नाले से हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और प्रसव का समय नजदीक है। वह करीब एक सप्ताह पहले पत्नी को लेकर अपने माता-पिता के पास आया था। वह चाहता था कि पत्नी का प्रसव उसकी मां के घर पर हो, लेकिन इस बात को लेकर पिता से कई दिनों से विवाद चल रहा था। घटना वाली रात तीनों ने शराब पी थी। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर आरोपी ने चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी उठाकर माता-पिता के सिर और शरीर पर कई वार कर दिए, जिससे दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया था।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका: कार्रवाई में निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी, उपनिरीक्षक विवेक यादव, राहुल पटेल, शहादत अली, प्रधान आरक्षक संजीव धुर्वे, विनोद नागर, मनीराम पटेल तथा आरक्षक अजमेर सिंह परिहार, सुनील ओझा, मनोहर दायमा और नीलेश रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










