राजेंद्र पटेल विशेष संवाददाता

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत एक रेडियो-कॉलर युक्त नर बाघ, जो पिछले दो से ढाई माह से नर्मदापुरम वनमंडल के रहवासी क्षेत्रों के आसपास विचरण कर रहा था, को 01 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया। इस अभियान को वन विभाग की टीम ने तीन दिनों तक सतत प्रयास, तकनीकी ट्रैकिंग और मैदानी समन्वय के साथ संचालित किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में 5 हाथियों की मदद भी ली गई, जिससे बाघ को सुरक्षित नियंत्रित करने में सफलता मिली।
वन विभाग के अधिकारियों ने अत्यंत सतर्कता और कुशलता का परिचय देते हुए बिना किसी अप्रिय घटना के इस चुनौतीपूर्ण अभियान को अंजाम दिया। बाघ को पकड़ने के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और फिर उसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के उपयुक्त एवं सुरक्षित खुले वन क्षेत्र में पुनः छोड़ा जाएगा, ताकि उसके प्राकृतिक व्यवहार और आवास का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।
इस सफल अभियान में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और नर्मदापुरम वनमंडल की टीम के साथ डॉ. गुरुदत्त शर्मा, डॉ. प्रशांत देशमुख और डॉ. हमजा फारूकी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग और धैर्य के लिए भी आभार व्यक्त किया है।










